सोनीपत में के.डी. इंस्टीट्यूट से जुड़ा एक बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर हुआ है। एक छात्र ने संस्थान के डायरेक्टर संदीप पर लाखों रुपए की ठगी, जालसाजी और धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत के बावजूद पुलिस ने शुरुआती कार्रवाई नहीं की, जिसके बाद पीड़ित ने कोर्ट की शरण ली। कोर्ट के आदेश पर थाना खरखौदा में मामला दर्ज किया गया है।
नर्सिंग कोर्स के नाम पर ठगी:
खरखौदा के निवासी कृष्ण ने बताया कि वह के.डी. इंस्टीट्यूट, खरखौदा में कोचिंग के लिए गया। डायरेक्टर संदीप ने उसे पंजाब के एक कॉलेज में जीएनएम नर्सिंग कोर्स में दाखिला दिलाने का झांसा दिया। कृष्ण ने कुल 2.8 लाख रुपए की फीस जमा कराई, जिसे बाद में 4 लाख रुपए तक बढ़ा दिया गया। कोर्स को 3 साल से बढ़ाकर 4.5 साल तक खींचा गया।

कागजात लौटाने के लिए पैसे की मांग और धमकी:
तीसरे वर्ष का परिणाम आने के बाद जब कृष्ण ने अपने मूल दस्तावेज मांगे, तो डायरेक्टर ने कहा कि पहले 25 हजार रुपए जमा करवाओ, तभी कागजात मिलेंगे। इसके बाद उसे पंजाब के संत कबीर कॉलेज के डायरेक्टर राजीव अरोड़ा के पास भेजा गया, जिन्होंने भी नकद राशि की मांग की। आरोप है कि संदीप ने जान से मारने की धमकी भी दी और कहा कि दस्तावेज न देने पर उन्हें जलाया जा सकता है।
अन्य छात्रों पर भी ठगी के आरोप:
कृष्ण के अनुसार, प्रिया और पूजा नाम की छात्राओं से भी संस्थान ने लाखों वसूले, लेकिन उनका दाखिला नहीं हुआ। जब छात्र पंजाब गए, तो पता चला कि संस्थान द्वारा दिए गए दाखिले पूरी तरह फर्जी थे।
पुलिस कार्रवाई में देरी, अब कोर्ट के आदेश से मामला दर्ज:
पीड़ित ने 31 अगस्त 2025 को पुलिस में शिकायत दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। कोर्ट में अर्जी देने के बाद 10 नवंबर 2025 को थाना खरखौदा पुलिस ने धारा 318(4), 351(2), 316(2) बीएनएस के तहत केस दर्ज किया।
जांच में बड़े फर्जीवाड़े की आशंका:
अदालत में दी गई दरखास्त में कहा गया कि अगर के.डी. इंस्टीट्यूट और उसके डायरेक्टर की गहन जांच की जाए, तो कई गैरकानूनी दस्तावेज और गतिविधियां सामने आ सकती हैं। संस्थान पर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने और अवैध कमाई करने का गंभीर आरोप लगाया गया है।
