हरियाणा के पूर्व मंत्री रणजीत सिंह चौटाला ने चौधरी देवीलाल के परिवार द्वारा तीसरी पार्टी बनाने के मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि फिलहाल वे प्रदेशभर में कार्यकर्ताओं से बैठकें कर रहे हैं और करीब तीन महीने में पूरे हरियाणा के कार्यकर्ताओं की राय के आधार पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।
रणजीत सिंह चौटाला ने स्पष्ट किया कि नई पार्टी बनाने का निर्णय कार्यकर्ताओं की सलाह के आधार पर ही होगा। उन्होंने कहा, “वर्कर जो सलाह देंगे, वह ही मानूंगा। करना फैसला लोगों ने ही है और लोगों के साथ ही फैसला होगा। व्यक्तिगत राय भी वर्करों से अलग नहीं हो सकती।”
परिवार के एक होने पर बयान
चौटाला ने देवीलाल परिवार के एक होने के सवाल पर कहा कि पार्टी हमेशा चौधरी देवीलाल के नाम से ही थी। उन्होंने कहा कि “आज भी जब चौधरी देवीलाल की पार्टी आती है तो सब नाम छोटे हैं। चौधरी देवीलाल के नाम से ही सब चलता है।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि परिवार के अलग-अलग बयान आ चुके हैं, इसलिए इस पर बार-बार चर्चा करने का कोई फायदा नहीं है।

राहुल गांधी के आरोपों पर प्रतिक्रिया
हरियाणा में कांग्रेस की सरकार पर राहुल गांधी द्वारा लगाए गए वोट चोरी के आरोपों पर रणजीत सिंह चौटाला ने कहा कि हर कोई पहले बिहार के चुनाव नतीजों का इंतजार कर रहा है। उन्होंने कहा कि “इसके बाद ही यह चर्चा का विषय बनेगा। इससे पहले चर्चा का विषय ही नहीं है। सब जगह एक ही बात है कि बिहार में क्या होगा।”
प्रदेशभर में कार्यकर्ता बैठकें
रणजीत सिंह चौटाला ने कहा कि अभी मीटिंग की शुरुआत हुई है। 30 नवंबर को दो-ढाई हजार कार्यकर्ताओं की बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें शहर और गांव दोनों क्षेत्रों के लोग शामिल होंगे। सभी कार्यकर्ता अपनी-अपनी राय देंगे और मंच पर साझा विचार रखेंगे।
उन्होंने आगे बताया कि अगले तीन महीने में पूरे हरियाणा में सभी जिलों में बैठकें होंगी। इन बैठकियों के बाद ही तय किया जाएगा कि नई पार्टी बनाई जाएगी या नहीं। चौटाला ने कहा कि निर्णय प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होगी और इसमें कार्यकर्ताओं की आवाज़ को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
राजनीतिक परिप्रेक्ष्य
यह बैठकें और निर्णय हरियाणा की राजनीतिक दिशा के लिए अहम मानी जा रही हैं। चौटाला की रणनीति स्पष्ट है कि पार्टी की नई दिशा और भविष्य के चुनावी अभियान में वर्करों की राय को प्राथमिकता दी जाएगी।
