रोहतक में 3 नवंबर को हुए इनेलो के किसान प्रदर्शन के बाद राजनीति में नया मोड़ आ गया है। इस मामले में अब जजपा नेता और पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने मीडिया के सामने अभय चौटाला की याददाश्त को लेकर तीखा बयान दिया।
दरअसल, 3 नवंबर को रोहतक में इनेलो के किसान मांगों को लेकर प्रदर्शन चल रहा था। इस दौरान इनेलो सुप्रीमो अभय चौटाला ने रोहतक के डीसी सचिन गुप्ता को ज्ञापन देने का अल्टीमेटम दिया। अभय चौटाला ने कहा कि डीसी जनता से ऊपर नहीं है और उन्होंने चेतावनी दी, “वरना हमारी याददाश्त बहुत अच्छी है।”
वहीं, जब डीसी सचिन गुप्ता ज्ञापन लेने पहुंचे और अपने बारे में जानकारी दी कि वे हरियाणा के सिरसा से हैं, तो अभय चौटाला ने तंज कसते हुए कहा कि उनकी आदतें जानते होंगे। इस बयान की कांग्रेस विधायक गोकुल सेतिया ने निंदा की और आईएएस सचिन का समर्थन किया।

इस पूरे प्रकरण पर अब पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने करनाल में आयोजित जजपा कार्यक्रम में प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अभय चौटाला की याददाश्त कमजोर है और उन्होंने इनेलो के पुराने मामलों का हवाला देते हुए तंज कसा। दुष्यंत ने कहा कि प्रो. संपत सिंह ने साल 2009 में चौ. ओपी चौटाला के खिलाफ बोलकर इनेलो को छोड़ने और पार्टी का सत्यानाश करने का काम किया।
दुष्यंत ने आगे कहा कि रामपाल माजरा को भगाने का आरोप डॉ. अजय सिंह चौटाला पर लगाया गया था, जबकि डॉ. अजय को साल 2018 में इनेलो से निष्कासित किया गया था। उन्होंने कहा कि तथ्य जांच कर ही कोई बयान देना चाहिए।
दुष्यंत चौटाला ने स्पष्ट किया कि जजपा कार्यक्रम के दौरान अभय चौटाला की याददाश्त का उदाहरण पेश किया गया, ताकि जनता समझ सके कि राजनीतिक बयानबाजी में तथ्यों की जांच जरूरी है।
इस बीच, विधायक गोकुल सेतिया ने डीसी सचिन गुप्ता का समर्थन करते हुए कहा कि प्रशासन को हर हाल में सम्मान और सुरक्षा मिलनी चाहिए। इनेलो वर्कर और सेतिया समर्थकों के बीच इस मसले पर सियासी टकराव जारी है, और अब जजपा भी इसमें सक्रिय हो गई है।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटनाक्रम हरियाणा की राजनीति में इनेलो और जजपा के बीच तनाव बढ़ा सकता है। दुष्यंत का बयान स्पष्ट रूप से यह दर्शाता है कि अब सियासी माहौल और गर्माया हुआ है और आगामी महीनों में इसका असर विधानसभा और स्थानीय चुनावों पर पड़ सकता है।
