हरियाणा समेत कई राज्यों में करीब 3 हजार करोड़ रुपए की ठगी करने वाली फ्यूचर मेकर कंपनी के सीएमडी राधेश्याम उर्फ परम गुरु और उसके साथी बंसीलाल (एमडी) को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। हिसार CJM राजीव कुमार की कोर्ट ने दोनों के खिलाफ 57 करोड़ रुपए के बकाया सर्विस टैक्स मामले में अरेस्ट वारंट जारी किए थे।
सोमवार को दोनों आरोपी कोर्ट में पेश हुए, जहां जज ने गिरफ्तारी के आदेश जारी कर दिए। इसके बाद दोनों को हिसार की सेंट्रल जेल टू में भेज दिया गया है।
फ्यूचर मेकर कंपनी और ठगी का जाल
फ्यूचर मेकर कंपनी के सीएमडी राधेश्याम और एमडी बंसीलाल पर आरोप है कि उन्होंने मल्टी लेवल नेटवर्किंग स्कीम के जरिए हजारों लोगों से करोड़ों रुपए की ठगी की। कंपनी की स्कीम में ₹7200 इन्वेस्ट करने पर दो साल में ₹60,000 लौटाने का लालच दिया जाता था। इसके साथ कपड़े और दवाइयां देने का झांसा भी दिया गया था।
राधेश्याम ने एक साल में एक करोड़ लोगों को जोड़ने का दावा किया था और जगुआर कार में घूमता था। लेकिन 2018 में तेलंगाना की साइबराबाद पुलिस ने कंपनी की ठगी का खुलासा किया। जांच में सामने आया कि कंपनी ने अलग-अलग राज्यों में करीब 1200 से 3000 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की थी।
जेल और कानूनी कार्रवाई का सफर
राधेश्याम को पहले भी ठगी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था और उसने 4 साल 3 महीने जेल में बिताए। जनवरी 2022 में जेल से बाहर आने के बाद उसने अपना नाम बदलकर “परम गुरु” रख लिया और बाबा बन गया। बताया जाता है कि वह हरियाणा-पंजाब बॉर्डर पर सिरसा के डबवाली क्षेत्र में अपना आश्रम बना रहा था।

नवंबर 2024 में CGST विभाग ने 57 करोड़ रुपए के सर्विस टैक्स बकाया को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। एडवोकेट नरेश सचदेवा ने बताया कि राधेश्याम और बंसीलाल की एंटीसिपेटरी बेल खारिज होने के बाद दोनों कोर्ट में पेश हुए, जहां जज ने जेल भेजने के आदेश दिए।
अब दोनों के वकील सेशन कोर्ट में बेल एप्लिकेशन दाखिल करेंगे।
पृष्ठभूमि और जांच
राधेश्याम मूल रूप से हिसार जिले के आदमपुर ब्लॉक के गांव सीसवाल का रहने वाला है। पहले वह प्रॉपर्टी डीलर का काम करता था। बाद में उसने फ्यूचर मेकर कंपनी की शुरुआत की। पुलिस जांच में सामने आया कि कंपनी के खिलाफ 9 राज्यों में करीब 50 एफआईआर दर्ज हैं। जांच एजेंसियों ने करीब 200 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की है और अब तक 21 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
परम गुरु का नया चेहरा
जेल से बाहर आने के बाद राधेश्याम ने खुद को “कृष्ण भक्त” बताया और “गीता परम रहस्यम” नाम से किताब लिखने का दावा किया। सोशल मीडिया पर उसने खुद को एक धार्मिक गुरु के रूप में प्रचारित करना शुरू किया।
अब एक बार फिर उसी राधेश्याम को कानून ने जकड़ लिया है — इस बार टैक्स चोरी और पुराने ठगी केस के चलते।
