हरियाणा के राजकीय महाविद्यालय, उकलाना में शनिवार को पांचवीं वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन प्राचार्या डॉ. रेखा सलूजा के कुशल मार्गदर्शन और खेल समिति प्रभारी डॉ. तनुजा के नेतृत्व में हुआ। पूरे परिसर में खेल भावना और उत्साह का वातावरण देखने को मिला।
ध्वजारोहण और मार्च पास्ट से हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत ध्वजारोहण और मार्च पास्ट से हुई, जिसमें विद्यार्थियों ने अनुशासन और ऊर्जा का परिचय देते हुए शानदार प्रदर्शन किया। कॉलेज के ग्राउंड में विद्यार्थियों ने अपने दलों के साथ कदमताल करते हुए खेल भावना का परिचय दिया।
इस अवसर पर मुगलपुरा की सरपंच राजपति मुख्यअतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। प्राचार्या डॉ. रेखा सलूजा ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया और कहा—
“खेल जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं। ये विद्यार्थियों में अनुशासन, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का विकास करते हैं। जो छात्र खेलों में भाग लेते हैं, वे जीवन की चुनौतियों का सामना मजबूती से करते हैं।”
विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में दिखा जोश
खेल समिति प्रभारी डॉ. तनुजा ने बताया कि इस वर्ष की खेलकूद प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने अत्यधिक उत्साह और खेल भावना के साथ भाग लिया।
कार्यक्रम में निम्नलिखित इवेंट्स आयोजित किए गए—
- 100 मीटर, 200 मीटर, 400 मीटर, 800 मीटर और 1500 मीटर दौड़
- लॉन्ग जंप, हाई जंप, शॉट पुट, डिस्कस थ्रो और जेवलिन थ्रो जैसी प्रतियोगिताएँ
लड़कों में विक्रम कुमार (बी.ए. तृतीय वर्ष) और लड़कियों में शिवांगी (बी.ए. तृतीय वर्ष) ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से सबका ध्यान आकर्षित किया और “बेस्ट एथलीट” ट्रॉफी अपने नाम की।
समापन समारोह में प्रेरणादायक संदेश

कार्यक्रम के समापन समारोह में राजकीय महाविद्यालय भोडियाखेड़ा के सेवानिवृत्त प्राचार्य डॉ. राजेश महत्ता मुख्यअतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा—
“खेल केवल शरीर को नहीं, बल्कि मन और आत्मा को भी सशक्त बनाते हैं। विद्यार्थी जीवन में खेलकूद अनुशासन, टीम भावना और निरंतर प्रयास का प्रतीक हैं। हार या जीत से अधिक महत्वपूर्ण भागीदारी और निष्ठा होती है।”
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि खेल मैदान में मिली सीख उन्हें जीवन में सफलता दिलाने का मार्ग दिखाती है।
प्राचार्या ने दी विजेताओं को शुभकामनाएँ
कार्यक्रम के अंत में प्राचार्या डॉ. रेखा सलूजा ने विजेताओं को शुभकामनाएँ देते हुए कहा—
“खेल न केवल शारीरिक स्वास्थ्य के लिए आवश्यक हैं, बल्कि मानसिक और सामाजिक विकास का भी आधार हैं। प्रत्येक विद्यार्थी को जीवन में खेल भावना को अपनाना चाहिए।”
उन्होंने खेल समिति की टीम और सभी प्रतिभागियों की मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में सकारात्मक ऊर्जा और आपसी सहयोग की भावना को बढ़ाते हैं।
कार्यक्रम का समापन और भावनात्मक पल
कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रीय गान के साथ प्रतियोगिता का समापन किया गया। विद्यार्थियों ने एक-दूसरे को बधाई दी और अगले वर्ष फिर से बेहतर प्रदर्शन का संकल्प लिया।
महाविद्यालय परिसर में खेलकूद के इस आयोजन ने विद्यार्थियों के भीतर नई ऊर्जा और उत्साह का संचार किया, जिससे कॉलेज का माहौल प्रेरणादायक बन गया।
