हिसार के अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष देवेंद्र बूड़िया के खिलाफ रेप केस में पीड़िता ने उनकी जमानत को रद्द करने के लिए पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका में पीड़िता की ओर से उनके वकील दीपांशु बंसल एडवोकेट ने बताया कि हिसार के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश द्वारा देवेंद्र बूड़िया को दी गई जमानत गैर कानूनी और गलत आधार पर दी गई है।
हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए देवेंद्र बूड़िया और प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया है और प्रदेश सरकार को स्टेट्स रिपोर्ट दाखिल करने के लिए निर्देश दिए हैं। अगली सुनवाई की तारीख 13 जनवरी तय की गई है।
पीड़िता की दलीलें
याचिका में पीड़िता ने कहा कि उनके केस में चार्ज भी फ्रेम नहीं हुआ और उन्होंने खुद अपनी गवाही नहीं दी, बावजूद इसके हिसार कोर्ट ने जमानत दे दी। याचिका में कहा गया कि जमानत का आधार बनाये गए कागजात चालान का हिस्सा भी नहीं हैं। साथ ही, जमानत में कोई शर्त भी नहीं लगाई गई। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि देवेंद्र बूड़िया ने गवाहों को धमकाने और दबाव बनाने की कोशिश की।
पीड़िता के प्रमुख आरोप

- चंडीगढ़ में होटल में रेप: 2023 में पीड़िता के पिता ने उन्हें आदमपुर में देवेंद्र बूड़िया के पास भेजा। बूड़िया ने ऑस्ट्रेलिया भेजने का झांसा देकर चंडीगढ़ के होटल हयात में रेप किया और वीडियो बना लिया।
- जयपुर फ्लैट में रेप: चंडीगढ़ में कोर्स के बहाने पीड़िता को जयपुर बुलाया गया, जहां बूड़िया ने अपने फ्लैट में उसे बलपूर्वक यौन शोषण किया।
- नशे की हालत में धमकी और यौन शोषण: बूड़िया ने पीड़िता को यह कहकर भ्रमित किया कि वह उसे सलमान खान से मिलवाएगा और स्टार बना देगा। नशे की हालत में पीड़िता के साथ कई बार दुर्व्यवहार किया।
पीड़िता के अनुसार, उनके पास सुसाइड या परिवार को बताने के अलावा कोई विकल्प नहीं था, और उन्हें गंभीर मानसिक परेशानी और डिप्रेशन का सामना करना पड़ा।
न्यायालय की कार्रवाई
हाईकोर्ट ने पीड़िता की याचिका पर नोटिस जारी करते हुए प्रदेश सरकार से स्टेट्स रिपोर्ट मांगी है। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 13 जनवरी को निर्धारित की है।
इस मामले ने हिसार और पूरे हरियाणा में सामाजिक और कानूनी बहस को तेज कर दिया है, विशेषकर न्यायिक प्रक्रिया में पीड़िता की सुरक्षा और आरोपी की जमानत से जुड़ी संवेदनशीलता पर।
