Wednesday, April 1, 2026
Homeजिला न्यूज़हिसारउकलाना के गांव पंघाल में किसान परिवार को घर से बेदखल करने...

उकलाना के गांव पंघाल में किसान परिवार को घर से बेदखल करने पर हंगामा, किसान संगठनों ने तोड़े ताले और दिलाया न्याय

हरियाणा के उकलाना उपमंडल के बरवाला क्षेत्र के गांव पंघाल में एक किसान परिवार को प्राइवेट हाउसिंग फाइनेंस कंपनी द्वारा घर से बेदखल किए जाने के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया। बुधवार को संयुक्त किसान मजदूर बाडोपट्टी टोल कमेटी, अखिल भारतीय किसान सभा, खेत मजदूर यूनियन, भ्याण खाप के नेता और ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर कंपनी द्वारा लगाए गए ताले तोड़ दिए और किसान परिवार को फिर से उनके घर में प्रवेश करवाया।

जानकारी के अनुसार, गांव पंघाल निवासी किसान सुरेश कुमार ने शुभम हाउसिंग डेवलपमेंट फाइनेंस कंपनी लिमिटेड से 5 लाख 60 हजार रुपए का सात साल के लिए लोन लिया था। सुरेश अब तक 2 लाख 34 हजार रुपए किस्तों के रूप में चुका चुके थे, लेकिन हाल के महीनों में अत्यधिक बारिश, जलभराव और आर्थिक तंगी के कारण शेष किस्तें भरने में असमर्थ रहे।

इसके बावजूद कंपनी ने सिर्फ ढाई लाख रुपए की बकाया राशि के चलते किसान के पूरे घर को सील कर दिया और परिवार को घर से बाहर निकाल दिया। किसान सुरेश कुमार, उनकी पत्नी संतोष देवी, पुत्र हरीश कुमार, पुत्रवधू मोनिका और पौत्र खुशवंत बीते दो दिन से खुले आसमान के नीचे गली में रहने को मजबूर थे।

घर के अंदर परिवार का राशन, कपड़े और जरूरी घरेलू सामान सब बंद था। ग्रामीणों ने बताया कि सुरेश का परिवार बीपीएल कार्ड धारक है, ऐसे में यह कार्रवाई अमानवीय और अवैधानिक दोनों है।

ग्रामीणों में रोष, बोले – राहत नीति का उल्लंघन

ग्रामीणों ने कहा कि यह कदम राज्य सरकार की राहत नीति का उल्लंघन है। नीति के अनुसार, बाढ़ और प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों के खिलाफ कोई भी वसूली या कानूनी कार्रवाई रोक दी गई थी। बावजूद इसके कंपनी ने जबरन बेदखली कर दी।

किसान नेताओं ने दी आंदोलन की चेतावनी

संयुक्त किसान मजदूर बाडोपट्टी टोल कमेटी के अध्यक्ष सरदानन्द राजली ने कहा –

“सरकार की सह पर निजी कंपनियां किसानों पर अन्याय कर रही हैं। पंघाल गांव जलभराव से बुरी तरह प्रभावित है, लेकिन इसके बावजूद गरीब किसानों को घर से निकाला जा रहा है। यह फिर से ‘कंपनी राज’ की वापसी जैसा है, जिसके खिलाफ किसानों ने वर्षों तक संघर्ष किया।”

राजली ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने तुरंत हस्तक्षेप नहीं किया और कंपनी ने अपनी नीति नहीं बदली, तो कमेटी इस प्रकरण को संयुक्त किसान मोर्चा, हिसार के समक्ष रखेगी और बड़े आंदोलन की शुरुआत करेगी।

इस घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है, वहीं किसान संगठनों ने साफ कहा है कि अगर ऐसी कार्रवाइयां नहीं रोकी गईं, तो पूरे इलाके में जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे।

Sonu Baali
Sonu Baalihttp://khasharyananews.com
संस्थापक, खास हरियाणा न्यूज़- हरियाणा की ज़मीन से जुड़ा एक निष्पक्ष और ज़मीनी पत्रकार। पिछले 6+ वर्षों से जनता की आवाज़ को बिना किसी एजेंडे के सामने लाने का प्रयास कर रहे हैं। देसी अंदाज़ और सच्ची पत्रकारिता में विश्वास रखते हैं। 🌐 khasharyana.com
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments