हिसार जिले के डोभी गांव में शराब ठेका हटाने की मांग को लेकर ग्रामीणों का विरोध प्रदर्शन लगातार पांचवें दिन भी जारी रहा। सोमवार को ग्रामीणों ने जिला उपायुक्त अनीश यादव से मुलाकात की और अपनी शिकायतें दर्ज कराईं।
ग्रामीणों ने उपायुक्त को बताया कि डोभी गांव के पास खारिया की जमीन पर शराब ठेकेदार ने नया ठेका खोल लिया है, जिससे स्थानीय लोगों में रोष है। ग्रामीणों का आरोप है कि यह ठेका गांव के निवासियों और राहगीरों को नशा बेचने के उद्देश्य से खोला गया है।
महिलाओं को परेशानी और असुरक्षा का माहौल
ग्रामीणों के अनुसार, ठेके के सामने चार ढाणियां स्थित हैं, जहां से महिलाएं और लड़कियां सुबह-शाम सैर करने जाती हैं। लेकिन ठेका खुलने के बाद शराबियों की अभद्र हरकतें बढ़ गई हैं। वे नशे की हालत में सड़कों पर पड़े रहते हैं और अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं, जिससे महिलाओं को असहजता और डर का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों की शिकायत पर उपायुक्त अनीश यादव ने आबकारी विभाग के अधिकारियों को मौके पर जाकर जांच करने और दो दिन के भीतर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यदि ठेका नियमानुसार स्थापित नहीं किया गया है, तो कार्रवाई की जाएगी।

महिला आंदोलन को मिला संगठनों का समर्थन
इस बीच, गांव की महिलाओं के इस शांतिपूर्ण आंदोलन को अखिल भारतीय किसान सभा की बालसमंद इकाई का समर्थन मिला है। सभा के प्रधान संदीप धीरणवास ने प्रदर्शन स्थल पर पहुंचकर कहा कि महिलाओं की मांग जायज है और प्रशासन को तुरंत ठेका हटाने की दिशा में कदम उठाना चाहिए।
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की, तो किसान सभा ग्रामीणों और महिलाओं के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन शुरू करेगी।
डोभी गांव के लोगों का कहना है कि वे गांव के माहौल को नशामुक्त रखना चाहते हैं और जब तक शराब ठेका नहीं हटाया जाता, तब तक उनका धरना प्रदर्शन जारी रहेगा।
